Domain नाम क्या होता है – सबसे सस्ता डोमेन कैसे ख़रीदे?

अगर आप भी एक website बनाना चाहते हैं तो आपको भी डोमेन नाम की ज़रूरत पड़ेगी। अब आपके मन में एक सवाल ज़रूर आता होगा कि आखिरकार यह डोमेन नाम क्या है?, कैसे काम करता है? और डोमेन नेम को कैसे ख़रीदा जा सकता है? इस सारे प्रश्नों का उत्तर हम आपको आगे देने का पूरा प्रयास करेंगे तो अगर आपको यह लेख अच्छा लगता है तो अपने दोस्तों के साथ साझा करना न भूलें।

आज के समय में हर तरह का व्यापार online जा रहा है।लोग आजकल online चीज़ें मंगवाते हैं।अगर आपको भी ऐसा एक व्यापार या कोई दुकान शुरू करनी है तो आपको भी एक website बनानी होती है और website बनाने के लिए आपको को डोमेन नाम की ज़रूरत अवश्य पड़ती है।

डोमेन नाम क्या हैं? (Domain Name Kya hai?)

डोमेन नाम का उपयोग इंटरनेट यूजर को सॉफ़्टवेयर से वेबसाइट तक पहुंचने के लिए किया जाता है। जिसे उपयोगकर्ता किसी विशेष वेबसाइट तक पहुंचने के लिए ब्राउज़र विंडो में टाइप करता है। उदाहरण के लिए, Google का डोमेन नाम ‘google.com‘ है।

डोमेन क्या होता है
Domain Names

हर एक website एक Ip address से लिंक होती है परंतु उस से याद रखना आसान नहीं होता है इसके लिए डोमेन नाम का उपयोग किया जाता है, उदाहरण के लिए, डोमेन नाम “google.com” आईपी पते “000.00.216.999” की ओर इशारा करता है। आम तौर पर, संख्याओं के बजाय नाम को याद रखना आसान होता है।

1.Domain का प्रयोजन(purpose)

डोमेन नाम का मुख्य प्रायोजन इंटेरनेट को सरल बनाना होता है। क्योंकि आम तौर पर देखा जाए तो हर एक website अलग-अलग Ip address साथ जुड़ी होती है और संख्या को मानव दिमाग़ में याद रखना बहुत मुश्किल होता है। उस समस्या को दुर करने के लिए डोमेन नाम का उपयोग किया जाता है।

उदाहरण के लिए, ‘000.888.422.11’ ओर ‘121.533.212.11’ को याद रखने की बजाये आपको “Facebook.Com या Google.com सरलता से याद रहेगा।

2.Domain का इतिहास

डोमेन नाम का इतिहास ज़्यादा पुराना नहीं है। आज से कुछ समय पहले डोमेन नाम का इतना व्याप नहीं था। कुछ समय पहले SRI (अब SRI इंटरनेशनल) के कंप्यूटर से होस्ट फ़ाइल (host.txt) के ज़रिए जानकारी प्रदान की जाती थी।जिसने कंप्यूटर होस्टनामों को संख्यात्मक पते पर भेजा जाता था।

नेटवर्क के तेज़ विकास के कारण होस्टनाम रजिस्ट्री को बनाए रखना असंभव कर दिया, और 1983 में डोमेन नेम सिस्टम(DNS) को ARPANET ने पेश किया गया और इंटरनेट इंजीनियरिंग टास्क फोर्स द्वारा प्रकाशित किया गया।

पॉल मोकापेट्रिस
पॉल मोकापेट्रिस

पॉल मोकापेट्रिस ने 1983 में डोमेन नेम सिस्टम (DNS) का आविष्कार किया। उन्होंने host.txt की बजाए नामकरण करने का प्रस्ताव रखा जिसे आज हम DNS के रूप में जानते हैं। और उसके कारण internet रोज़मर्रा ज़िंदगी के लिए बहुत सरल हो गया। याद रखना भी बहुत आसान हो गया और 1986 आते-आते तक इसका मूल ऊप से स्वीकार कर लिया गया।

ये हैं 10 डोमेन नामों की सूची जो सबसे पहले पंजीकृत हुए थे।

symbolics.com15/03/1985
bbn.com24/04/1985
think.com24/05/1985
mcc.com11/07/1985
dec.com30/09/1985
northrop.com07/11/1985
xerox.com09/01/1986
sri.com17/01/1986
hp.com03/03/1986
ibm.com19/03/1986

3.Domain के प्रकार

शीर्ष-स्तरीय(TLD) डोमेन

.COM सबसे पहला TLD डोमेन नाम है जिससे 1985 में Symbolics Inc द्वारा symbolics.com पंजीकृत किया गया था। उसके बाद 1992 आते तक 15,000 से भी ज़्यादा .com डोमेन नाम पंजीकृत हो चुके थे।

1983 मैं जब लिए DNS इसकी शुरुआत हुई तो उसे दो भागों में विभाजित किया गया था। एक था top level domain(TLD) और दूसरे का नाम था और country code top-level domains (ccTLD) जिसे हर देश के पहले दो संक्षिप्ताक्षरों पर आधारित है।

जैसे कि भारत(इंडिया) का .IN, United Kingdom का .Uk, समय अनुसार उसमें बहुत सारे फेर बदलाव होते रहे और उस से अन्य भागों में भी विभाजित किया गया। जिसे हमने नीचे विस्तार से समझाने की कोशिश की है।

Generic Top-Level Domains (gTLD)

यह एक प्रकार के TLD डोमेन नाम होता हैं जिसको अलग category में विभाजित किया गया है। उसका मुख्य उद्देश्य डोमेननाम का उपयोग सरल बनाना है।

डोमेन नामउपयोग
comमुख्य रूप से वाणिज्यिक संस्थाओं के लिए उपयोग में लिया जाता है, परंतु आप भी उपयोग कर सकते है।
orgमुख्य रूप से संस्था के लिए है, जो gTLD के अंतर्गत नहीं आते, परंतु आप भी उपयोग कर सकते है।
netमूल रूप से नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए है, सब उपयोग में ले सकते है।
eduशैक्षिक उपयोग
govसरकारी संस्थाओं और एजेंसियों के लिए उपयोग में लिया जाता है।
milसैन्य उपयोग, लेकिन अब केवल अमेरिकी सेना के लिए
Country Code Top-Level Domains (ccTLD)

एक देश का कोड के आधार पर जो डोमेन होते हे उसे सीसीटीएलडी डोमेन नाम कहते है। यह शीर्ष-स्तरीय डोमेन है जो आम तौर पर किसी देश, राज्य कोड के साथ पहचाने जाने वाले डोमेन होते है। सभी ASCII ccTLD पहचानकर्ता दो अक्षर लंबे होते हैं, और सभी दो-अक्षर वाले डोमेन ccTLD होते हैं।

हर देश का ख़ुद का एक डोमेन extension होता है, परंतु हम आपको ऐसे पाँच extension दिखा ते है जो आपने कई बार देखा होगा।

देशडोमेन नाम
भारत(India).IN
अमेरिका(USA).US
पाकिस्तान(Pakistan).PK
केनेदा(Canada).CA
ब्राज़ील(Brazil).BR
Sponsored Top-Level Domains (sTLD)

ये डोमेन निजी एजेंसियों ओर संगठनों द्वारा उपयोग में लिया जाने वाला डोमेन है। जो टीएलडी का उपयोग करके, नियमों को स्थापित और लागू करते हैं। उपयोग सामुदायिक संगठनों पर आधारित है। इन प्रकार के डोमेन को आधिकारिक रूप से ICANN द्वारा मान्यता प्राप्त है ओर रजिस्ट्रार की तहत प्रबंधित किया जाता है।

डोमेन TLDयोग्यताप्रायोजकों (Sponsors)
.aeroहवाई परिवहन उद्योग के सदस्यSITA
.asiaएशिया में काम करने वाली कंपनियां, संगठन और व्यक्तिDotAsia Organisation
.catकैटलन समुदायFundació puntCat
.coopसहकारी संघDotCooperation LLC
.intअंतर्राष्ट्रीय संधि-आधारित संगठनInternet Assigned Numbers Authority
.jobsनोकरी देने वाले क्षेत्रों के लिए1.Employ Media LLC
2.The Society for Human Resource Management
.museumसंग्रहालय के लिएMuseum Domain Management Association
.postडाक सेवाएंUniversal Postal Union
.telनेटवर्क देने वाली कंपनीओ के लिएTelnames Limited
.travelट्रैवल एजेंट, एयरलाइंस, होटल, पर्यटन क्षेत्र, आदि।Donuts Inc
.xxxअश्लील साइटेंICM Registry

इस प्रकार के डोमेन विशिष्ट संगठनों के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं। क्योंकि डोमेननाम को देखकर आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि यह संगठन या संस्था से किस किस क्षेत्र में काम कर रही है। इस प्रकार के डोमेन विशिष्ट संगठन या संस्थाएं ही प्राप्त कर सकती है। सब लोग इसे प्राप्त नहीं कर सकते।

Test Top-Level Domains (tTLD):

डोमेन .TEST एक शीर्ष-स्तरीय डोमेन (TLD) है जो सॉफ़्टवेयर के परीक्षण करने मे उपयोग किया जाता है।

द्वितीय-स्तरीय डोमेन(SLD)

डोमेन नाम में TLD डोमेन के नीचे द्वितीय-स्तरीय डोमेन (SLD) नाम हैं। ये सीधे शीर्ष-स्तरीय(TLD) डोमेन के बाईं ओर आता है। उदाहरण के तौर पर, डोमेन Google.co.in में, .IN दूसरे स्तर (SLD) का डोमेन है।

Sld
द्वितीय-स्तरीय डोमेन(SLD)

आम तौर पर देखा जाए तो कोई सीमा नहीं है, क्योंकि इसके बाद तीसरे स्तर के डोमेन भी हो सकता है।, जो दूसरे स्तर के डोमेन के तुरंत बाईं ओर लिखा जाता है।

4.URL ओर Domain में अंतर

हम आपको बहुत आसानी से समझाने की कोशिश करेंगे कि URL और Domain में क्या फ़र्क होता है। आम तौर पर देखा जाए तो डोमेन नाम आपका एक का नाम होता है परंतु जब आप उस अपने वेब Browser में खोलते हैं तो जो पूरा structure दिखाई देता है, जो HTTP से शुरू होता है उसे URL कहते हैं आप इसे link भी बोल सकते हैं।

URL ओर Domain में अंतर

आप ऊपर दी गई हुई तस्वीर को देखकर बहुत आसानी से समझ सकते हैं कि Url और डोमेन नाम में क्या अंतर है। जो हरा रंग में दिखाई दे रहा है domain नाम है और जो पूरा भाग है उसे URL कहते हैं जो शुरू से लेकर अंत तक है।

5.सस्ता डोमेन नाम कहासे ख़रीदें?

अगर आप भी ब्लोग या Website बनाना चाहते हैं तो आपको भी एक का domain नाम की ज़रूरत पड़ेगी। अब तो आपके मन मेंएक सवाल होगा कि एक डोमेन नाम कहा से ख़रीदें? हम सबसे सस्ता डोमेन नाम कौसे ख़रीद सकते हैं ? इस प्रश्न का उत्तर हम आपको ज़रूर देंगे। हमने पाँच एसे Domain Name Provider की list तैयार की है जो सबसे सस्ता है .COM डोमेन आपको देते हैं।

येहे सबसे बेस्ट डोमेन Provider जो सबसे सस्ता .Com डोमेन देते है।

Domain Provider Price(₹)
1 year With Taxes And Fees
Renews Charge (₹)
Flickmax.Com₹840₹700 Per Year
Hostinger.in₹793₹899 Per Year
Godaddy.Com₹1017₹999 Per Year
Bigrock.in₹1061₹951 Per Year

ऊपर दिए गए हुए Table को आप ध्यान से देखिए ये ऐसे provider हैं जो सबसे सस्ता .com डोमेननाम आपको देते हैं। ये सुरक्षित भी है तो आप इसमें आपका अकाउंट बनाकर डोमेन की ख़रीद कर सकते हैं।

6.FAQ

१.डोमेन नाम कैसे ख़रीदे?

अगर आपको डोमेन नाम ख़रीदना है तो सबसे पहले आपको domain name Provider में अकाउंट बनना होगा। उसके लिए Flickmax या Godaddy पर जाकर अकाउंट बना सकते हैं। वहाँ पे आप .com नाम का डोमेननाम ख़रीद सकते हैं।

२.क्या फ़्री वाले डोमेन नाम ख़रीदने चाहिए?

अगर सरल भाषा में कहु तो आज के समय में कोई फ़्री में .Com या .Net नहीं देता। अगर आपको कोई दे रहा हे तो उसके चक्कर में न पड़े। सुरक्षित वेबसाईट से ही डोमेन को ख़रीदे। फ़्री में आपको .tk या .tl जेसे डोमेन मिल जाएगे।

3.डोमेन नाम को Renew ना करने पर क्या होगा?

अगर आप अपने डोमेन को Renew नहीं करते तो वो Expired हो जाता है ओर आप उसे हम्मेशा के लिए खो सकते है। क्योंकि Expire होने के बाद दूसरा व्यक्ति भी उसे ख़रीद सकता है। इसलिए डोमेननाम को expired होने से पहेले renew कर दे।

7.Conclusions

मुझे उम्मीद है कि आप समझ गए होंगे कि डोमेन नाम क्या होता है? domain name ke कितने प्रकार होते हैं? और डोमेन को कैसे कम क़ीमत में ख़रीदा जा सकता है। हमने आपको बहुत विस्तृत से समझाने की कोशिश की परंतु आप आपके मन में कोई सवाल है तो आप नीचे comment करके पूछ सकते हैं। उसका हम जवाब देने की पुरी कोशिश करेंगी और अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ share करना न भूलें।

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